Fake news क्या होती है, फेक न्यूज़ से कैसे बचा जा सकता है | hindi me

अगर आप इंटरनेट तथा सोशल मीडिया से कनेक्टेड है तो आपने फेक न्यूज़ के बारे में जरूर सुना होगा. आजकल फेक न्यूज़ एक बहुत बड़ा मुद्दा बन चुका है क्योंकि इनकी वजह से बहुत सी जगहों पर हिंसक घटनाएं देखने को मिल रही है, उपद्रव फैल रहे है, किसी के सम्मान को ठेस पहुंचाया जा रहा है। इन सब वजहों से फेक न्यूज़ एक हॉट टॉपिक बन चुका है। ...तो हम जानेंगे कि फेक न्यूज़ क्या है, फेक न्यूज़ से कैसे बचा जा सकता है?

आज इंटरनेट हमारी जिंदगी का एक महत्वपूर्ण हिस्सा बन चुका है। इंटरनेट के आने से लोगों के जीवन में क्रांतिकारी बदलाव हुए है लेकिन जैसा कि कहते हैं कि हर चीज के दो पहलू होते है...इसी प्रकार इंटरनेट एक तरफ तो हमें सर्व सुविधाएं प्रदान कर रहा है लेकिन इसका एक दूसरा पहलू भी है जो नुकसानदायक है। इंटरनेट के इस दूसरे पहलू में फेक न्यूज़ भी है।

फेक न्यूज क्या है? (What is fake news in hindi)


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What is fake news?

फेक न्यूज़ (fake news) वो सूचनाएं या समाचार होते है जिसमें झूठी खबर फैलाना, किसी संस्था या व्यक्ति की छवि को नुकसान पहुंचाना, लोगों को भड़काना, किसी का कुप्रचार करना जैसे कृत्य आते है। विकिपीडिया में इसकी परिभाषा जाली समाचार या असत्य समाचार दी गई है जो यथार्थ है।

आज मीडिया इंडस्ट्री में fake news एक बड़ी समस्या है। मीडिया इंडस्ट्री में फेक न्यूज़ yellow journalism के अंतर्गत आती है।

फेक न्यूज़ किसी भी व्यंग्य या हास्य सीरीज से अलग होती है क्योंकि व्यंग्य या हास्य सीरीज का मकसद दर्शकों या पाठकों का मनोरंजन करना होता है जबकि फेक न्यूज़ लोगों को बरगलाती है।

मुख्यतः फेक न्यूज़ को सोशल मीडिया के जरिए फैलाया जाती है जैसे कि व्हाट्सएप फॉरवर्डिंग, मैसेजिंग से। इसके अलावा बहुत सी ऐसी वेबसाइट्स है जो फेक न्यूज़ फैलाती है जबकि उनके पास इन खबरों को प्रूव करने के लिए कोई प्रमाण नहीं होता है।

बहुत से टीवी चैनल्स भी ऐसा करते पाए गए है जिसमें वे सनसनीखेज हेडलाइंस तथा झूठी खबरों को प्रचारित कर अपनी रीडरशिप तथा ऑनलाइन शेयरिंग को बढ़ाते है। ऐसा करना पाठकों तथा दर्शकों की भावनाओं के साथ खिलवाड़ है।

Fake news क्यों फैलायी जाती है

झूठी खबरों को फैलाने के पीछे कई कारण हो सकते है। कुछ कारण नीचे दिखाए गए है जो फेक न्यूज़ फैलाने के पीछे हो सकते है...

  • किसी व्यक्ति विशेष या संस्था की छवि या सम्मान को ठेस पहुंचाना।
  • एक कंपनी द्वारा दूसरी कंपनी की छवि को धूमिल करना।
  • राजनीतिक पार्टियों द्वारा अपना हित साधने के लिए।
  • झूठी खबर द्वारा लोगों को भड़काना।
  • लोगों में सांप्रदायिक भेदभाव फैलाना।
  • समाज में आक्रोश फैलाना।
  • कॉन्ट्रोवर्सी के जरिए किसी चीज का प्रचार करना।
  • नये विवादों को जन्म देना।
  • झूठी खबरों का असली तथा सच्ची खबरों की तुलना में जल्दी वायरल होना।
  • किसी की निजी भावनाओं के साथ खिलवाड़ करना।

फेक न्यूज को कैसे पहचानें?

अगर आप किसी ऐसी न्यूज़ को आपकी सोशल प्रोफाइल पर शेयर करते है जो फेक (fake) यानि रियल नहीं है तो यह आपकी इमेज को नुकसान पहुंचाती है। अतः आपको किसी भी खबर या न्यूज़ को प्रचारित या शेयर करने से पहले उसका प्रमाणीकरण कर लेना चाहिए कि वो रियल है या नहीं।

आइए जानते हैं कुछ ऐसे टिप्स के बारे में जो आपको यह जानने में मदद करेंगे कि कोई खबर ,न्यूज़, वीडियो या इमेज वास्तविक है या झूठा...।

1. फेक टेक्स्ट मैसेज को पहचानना

अगर आपके व्हाट्सएप पर कोई ऐसा टेक्स्ट मैसेज आता है जिसमें उस मैसेज या खबर के source का कोई लिंक नहीं दिया गया है तथा साथ ही उस मैसेज में किसी व्यक्ति या कंपनी की बहुत अधिक बेइज्जती/अपमान/निंदा या बहुत अधिक प्रशंसा की गई है तो इस बात की ज्यादा probability है कि वो मैसेज फेक (fake) है। इस बात की सत्यता जानने के लिए आप गूगल या reputed news sites का सहारा ले सकते है। गूगल से इस बारे में जानने के लिए आपके पास जो टेक्स्ट मैसेज आया है उसके मुख्य कीवर्ड को गूगल में सर्च करें, आपको उसकी सत्यता पता चल जाएगी।

2. Fake Photoshop image को पहचानना

बहुत बार आपको ऐसी फोटो भी मिलते होंगे जो फोटोशॉप है और उन्हें देखकर लगता है कि इसमें या तो किसी की बहुत ज्यादा तारीफ की गई है या बेइज्जती। आप इन फोटोशॉप इमेज के suspense या doubt को क्लियर करने के लिए www.images.google.com का सहारा ले सकते है। आपको जिस भी फोटो पर डाउट है, उसे इस साइट पर अपलोड करें और यह साइट आपको उस फोटो से संबंधित सर्च रिजल्ट दिखाएगी और आप जान पाएंगे कि यह वास्तविक है या झूठा।


3. Fake news articles को कैसे पहचानें

फेक न्यूज आर्टिकल की वास्तविकता के बारे में जानने के लिए सबसे पहले ध्यान देने वाली बात यह है कि जहां पर आप उस आर्टिकल को पढ़ रहे है, उस साइट का नाम क्या है? अगर वो साइट किसी mainstream न्यूज़ पेपर या न्यूज़ चैनल की है तो इस बात की लगभग पूरी गारंटी (99%) है कि वह खबर या आर्टिकल सही है।

अगर वह आर्टिकल किसी मुख्य न्यूज़ पेपर या न्यूज़ चैनल की वेबसाइट पर नहीं है तो सबसे पहले आप उस साइट का नाम देखिए कि कहीं वो न्यूज़ साइट्स की स्पूफ वेबसाइट्स तो नहीं है। इसके बाद उस न्यूज़ आर्टिकल के प्रमाणीकरण के लिए आप गूगल लिया किसी मेंस्ट्रीम न्यूज साइट्स का सहारा ले सकते है। हालांकि हर आर्टिकल के प्रमाणीकरण के लिए ऐसा करना संभव नहीं है।

4. Some other tips to spot fake news

YouTube पर भी फेक विडियोज बनाकर फेक न्यूज फैलायी जाती है। विडियो का कटेंट फेक है या सही, इसके बारे में जानने के लिए आप ऊपर बताये गये तरीकों से जानें या mainstream news channels पर विजिट कर उस खबर के authentication के बारे में जानें।

अगर आपको कोई ऐसा आर्टिकल या चीज पढ़ रहे है जहां पर उसके बारे में कोई सोर्स नहीं दिया गया है , author के बारे में जानकारी नहीं दी गई है तो इस बात की ज्यादा संभावना है कि वह फेक न्यूज़ हो। इनसे बचें।

Fake news से बचने के लिए रखें इन बातों का ध्यान

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फेक न्यूज़ को शेयर करना तथा इसके बारे में प्रचार करना आपकी छवि को नुकसान पहुंचाता है और साथ ही लोगों को भड़काता है, उनकी भावनाओं के साथ खिलवाड़ होता है। वह तो आपको हमेशा इस प्रकार की न्यूज़ को शेयर करने से बचना चाहिए। आइए जानते हैं कुछ ऐसे टिप्स जो आपको ऐसी झूठी खबरों के प्रचार से बचाएंगे...

  • अगर आपकी किसी व्यक्ति विशेष, राजनीतिक पार्टी या अन्य किसी से नहीं बनती है और आप उसके बारे में कुछ ऐसा पढ़े जो उसके विपरीत हो तो बिना सच जानें उसे शेयर ना करें।
  • अगर किसी न्यूज़, वीडियो या आर्टिकल के फेक होने का डाउट हो तो उसकी गूगल पर पड़ताल करें।
  • किसी भी नई घटना, हार-जीत को लेकर अपने excitement को नियंत्रित रखें। 

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उम्मीद है दोस्तों आपको यह आर्टिकल पसंद आया होगा जिसमें हमने जाना कि फेक न्यूज़ क्या होती है, फेक न्यूज़ से कैसे बचा जा सकता है?


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